
रायगढ़/पुसौर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूह (SHG) के माध्यम से कृषि सखी और पशु सखी की नियुक्ति की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त करना और किसानों तथा पशुपालकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है।
नियम के अनुसार, कृषि सखी के लिए कृषि संबंधी जानकारी और न्यूनतम 8वीं कक्षा की योग्यता आवश्यक है। इसी प्रकार, पशु सखी के लिए कम से कम 8वीं उत्तीर्ण होना और उसके घर में दो पशु, बकरी या भेड़ होना अनिवार्य शर्त है, ताकि वह ग्रामीणों को पशुपालन की सही जानकारी दे सके।
लेकिन, जनपद पंचायत पुसौर क्षेत्र में बिहान समूह प्रभारी द्वारा बिना निर्धारित मापदंडों का पालन किए, मनमाने ढंग से अपने चहेते महिलाओं की नियुक्ति किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। इससे योग्य महिलाओं को अवसर से वंचित होना पड़ रहा है और ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति बनी हुई हैl जबकी नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम संगठन में सभी महिलाओ को बैठक बुलाकर सहमति अनुसार योग्य बिहान दीदीयों में से नियुक्त करना हैँ l
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार की योजना का सही लाभ किसानों और महिलाओं तक पहुंचाना है तो नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और मापदंड आधारित होनी चाहिए।



